अनुराग और अवनी की कहानीभोपाल के एक छोटे से शहर में अनुराग रहता था। बचपन से ही वह थोड़ा अलग था। एक दुर्घटना के कारण वह विकलांग हो गया था। लेकिन अनुराग ने कभी हार नहीं मानी। उसने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया और पढ़ाई में मन लगा दिया।हॉशंगाबाद से अवनी भोपाल के एक कॉलेज में पढ़ने आई। वह एक बहुत ही खूबसूरत और मिलनसार लड़की थी। कॉलेज में सभी उसे पसंद करते थे। लेकिन अवनी का दिल किसी और पर आ गया था। वह अनुराग पर मोहित हो गई थी। अनुराग की बुद्धिमानी और उसके हंसमुख स्वभाव ने अवनी को अपनी ओर आकर्षित किया था।शुरुआत में अवनी को अनुराग की विकलांगता से थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन धीरे-धीरे वह अनुराग के दिल की अच्छाई को समझने लगी। वह अनुराग के साथ समय बिताने लगी। दोनों एक-दूसरे के साथ बहुत खुश रहते थे।एक दिन अवनी ने अनुराग को अपनी भावनाएं बताई। अनुराग भी अवनी से बहुत प्यार करता था। लेकिन वह नहीं चाहता था कि अवनी उसके कारण किसी परेशानी में पड़े। उसने अवनी से कहा कि वह उसके लिए सही लड़का नहीं है। लेकिन अवनी ने अनुराग की बात नहीं मानी। उसने कहा कि वह अनुराग से शादी करना चाहती है।अनुराग और अवनी की शादी बहुत धूमधाम से हुई। सभी लोग उनकी शादी में शामिल हुए। शादी के बाद अनुराग और अवनी ने एक साथ एक नई जिंदगी शुरू की। अनुराग ने एक छोटा सा कारोबार शुरू किया और अवनी ने एक स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया।अनुराग और अवनी की जिंदगी बहुत खुशहाल थी। दोनों एक-दूसरे का पूरा ख्याल रखते थे। अनुराग की विकलांगता के बावजूद, दोनों ने मिलकर बहुत सारे सपने पूरे किए।अनुराग और अवनी की कहानी हमें बताती है कि प्यार किसी भी बाधा को पार कर सकता है। अगर दो दिल एक-दूसरे से सच्चा प्यार करते हैं, तो कोई भी ताकत उन्हें अलग नहीं कर सकती।कहानी का संदेश: * प्यार अंधा होता है। * सच्चा प्यार किसी भी बाधा को पार कर सकता है। * विकलांगता कोई अभिशाप नहीं है। * हर व्यक्ति के अंदर कुछ खास होता है।यह कहानी आपको कैसी लगी? क्या आप चाहेंगे कि मैं इस कहानी को और आगे बढ़ाऊं?अगर आपको कोई और विषय पर कहानी चाहिए तो आप मुझसे पूछ सकते हैं।
















