सिपाही राहुल अपनी चौकी पर खड़े होकर ध्यान से सीमा की ओर देख रहे थे। उनकी आँखों में सतर्कता थी और मन में देश की सुरक्षा की भावना। रात की ठंड में भी उनका हौसला गर्म था।
राहुल ने महसूस किया कि कुछ गलत होने वाला है। "सभी जवानों को अलर्ट करो! दुश्मन हमला करने की तैयारी में हैं," उन्होंने अपनी टीम को निर्देश दिया।
राहुल ने बहादुरी से मोर्चा संभाला और दुश्मनों पर जोरदार हमला किया। "हम पीछे नहीं हटेंगे, यह हमारी जमीन है," उन्होंने जोश भरे स्वर में कहा।
राहुल ने उन्हें आते देखा। लेकिन वह घायल हो चुके थे और उनकी चलने की शक्ति कम हो गई थी। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
उनकी गोली सटीक निशाने पर लगी और दुश्मन सैनिक वहीं ढेर हो गया। "हमने कर दिखाया!" उनके साथी खुशी से चिल्लाए।
राहुल और उनके साथियों की वीरता से देश का सिर गर्व से ऊँचा हो गया। "हमारे सैनिकों की बहादुरी और निस्वार्थता को कभी नहीं भूलना चाहिए," उन्होंने गर्व से कहा।
















