आर्यन और किशोर ने साहस जुटाया और गाँव के किनारे स्थित उस विशाल पेड़ की ओर बढ़े। हवा में एक अजीब सी ठंडक थी, जो उनके रोंगटे खड़े कर रही थी। "क्या ये सच में भूतिया है?" आर्यन ने संदेह से पूछा, लेकिन किशोर ने उसकी बात को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ने का इशारा किया।
जैसे ही वे पेड़ के करीब पहुँचे, पेड़ की शाखाएँ हवा में हल्की हलचल करने लगीं। "तुमने ये आवाज़ सुनी?" किशोर ने घबराहट में पूछा। आर्यन ने पेड़ की छाल पर अजीब निशान देखे, जो किसी प्राचीन भाषा में थे। इसी बीच, एक गूंजती हुई आवाज़ आई, "क्यों आए हो यहाँ?"
आर्यन और किशोर के रोंगटे खड़े हो गए। वे भागने के लिए मुड़े, लेकिन पेड़ की शाखाएँ उनके पीछे-पीछे आने लगीं। "हमें यहाँ से तुरंत भागना चाहिए!" किशोर ने घबराहट में कहा।
दोनों दोस्त अपनी पूरी ताकत से दौड़ने लगे। पेड़ की शाखाएं उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही थीं। आर्यन का दिल तेजी से धड़क रहा था। जैसे ही उन्होंने गाँव की सीमा पार की, शाखाएँ अचानक रुक गईं और वापस पेड़ की ओर लौट गईं।
अगली सुबह, आर्यन और किशोर ने तय किया कि वे इस रहस्य का पता लगाएंगे। "हमें इस पेड़ के इतिहास के बारे में पता करना होगा," आर्यन ने कहा। किशोर ने सहमति में सिर हिलाया।
दोनों दोस्तों ने स्थानीय बुजुर्गों से पेड़ के बारे में जानकारियाँ इकट्ठा करनी शुरू कीं। उनके अंदर अब डर की जगह एक नई जिज्ञासा ने ले ली थी। "यह तो हमारी अपनी खोज का आरंभ है," किशोर ने उत्साह से कहा।
















