राहुल अपनी छोटी बहन माया के साथ बगीचे में खेल रहा था। उनकी आँखों में बचपन की चमक थी, और उनके हाथ में एक गेंद थी जिसे वे एक-दूसरे को उछाल रहे थे। "माया, देखो! वो नन्हीं बिल्ली कितनी प्यारी है,"
माया जमीन पर बैठ गई और बिल्ली को प्यार से सहलाने लगी। "राहुल, ये बिल्ली हमारी नई दोस्त हो सकती है," उसने उत्सुकता से कहा। राहुल ने मुस्कुराकर सिर हिलाया। "हाँ, हमारे बचपन के साथी!"
सोनू, राहुल का दोस्त, एक नन्हें कुत्ते के साथ आया। "मेरा दोस्त टॉमी भी हमारे साथ खेलेगा," उसने हँसते हुए कहा। वे सब एक-दूसरे के साथ खेलते हुए खुशी से झूम रहे थे।
राहुल ने प्रस्ताव रखा, "चलो जंगल की सैर करते हैं। वहाँ और भी जानवर हमें मिल सकते हैं," माया और सोनू ने खुशी-खुशी उसकी बात मान ली। वे जंगल की ओर बढ़ने लगे, जहाँ हाथी की गूँज और हिरन की दौड़ की रोमांचक ध्वनियाँ सुनाई दे रही थीं।
माया ने कहा, "इन जानवरों के बिना हमारा बचपन कितना अधूरा होता," राहुल ने सिर हिलाया, "हाँ, ये हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं।" सोनू ने भी सहमति जताई।
"चलो, हम गाना गाएँ," सोनू ने सुझाव दिया। उन्होंने मिलकर गाना गाया, जिसमें जानवरों के साथ उनके प्यार और दोस्ती की बात थी। राहुल, माया, और सोनू ने उन पलों का आनंद लिया, जो हमेशा उनके दिलों में बस गए।
















